इटावा, 14 जून 2026।सोसाइटी फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर के तत्वावधान में सामाजिक वानिकी प्रभाग, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति के सहयोग से कापेलश्वर महादेव मंदिर एवं टोडा गांव के निकट यमुना नदी के किनारे नेचर वॉक का आयोजन किया गया।
नेचर वॉक का नेतृत्व डॉ. बी.एन. सिंह, डॉ. अत्रि गुप्ता एवं डॉ. राजीव चौहान ने किया। इस अवसर पर नदी संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जिला गंगा समिति के जिला परियोजना अधिकारी संजीव चौहान ने नदी किनारे आयोजित गोष्ठी में नदियों में बढ़ते कचरे और प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों को शपथ दिलाई कि वे अपना कचरा नदियों में नहीं फेंकेंगे तथा अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे।

जेआरएफ डॉ. संगीता ने बताया कि प्लास्टिक सैकड़ों वर्षों में विघटित होता है तथा इससे थैलेट्स, स्टाइरीन और सीसा जैसे हानिकारक रसायन निकलते हैं। प्लास्टिक को जलाने पर डाइऑक्सिन जैसी विषैली गैसें उत्सर्जित होती हैं, जो वायु, जल एवं मिट्टी को प्रदूषित कर मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने प्लास्टिक के कम उपयोग, रीसाइक्लिंग और सुरक्षित विकल्प अपनाने पर जोर दिया।
डॉ. अत्रि गुप्ता ने बताया कि नेचर वॉक के दौरान लगभग 42 पौधों की प्रजातियां, 17 पक्षियों की प्रजातियां तथा 9 तितलियों की प्रजातियां दर्ज की गईं।
डॉ. राजीव चौहान ने बताया कि विभिन्न विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों ने इंटर्नशिप के दौरान इस भ्रमण में भाग लिया और बीहड़ क्षेत्र की जैव विविधता तथा वहां पाए जाने वाले जीव-जंतुओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विक्रमपुर के विनीत चौहान, राजीव राजपूत, अमित राजपूत, मुकेश, शैलेंद्र, पुनीत, अर्जुन, सिमी, मुकेश एवं रश्मि का उल्लेखनीय योगदान रहा।
