इटावा। जनपद में किन्नर समुदाय के बीच क्षेत्राधिकार एवं पहचान को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। शहर की नंदिनी नंदगिरी उर्फ नंदिनी पांडे, जो स्वयं को सनातनी किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर बताती हैं, ने कुछ व्यक्तियों पर फर्जी पहचान के साथ कार्य करने तथा क्षेत्र में विवाद उत्पन्न करने के आरोप लगाए हैं।
नंदिनी पांडे ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से किन्नर समाज से जुड़ा हुआ है और स्थानीय लोग उन्हें भली-भांति जानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहर से आने वाले कुछ लोग स्वयं को किन्नर बताकर क्षेत्र में विवाद एवं झगड़े की स्थिति पैदा कर रहे हैं।
उन्होंने एक व्यक्ति विशेष पर फर्जी पता प्रस्तुत करने तथा विभिन्न स्थानों पर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप लगाए। साथ ही कहा कि कुछ समय पूर्व पचावली चौराहे पर हुए विवाद में उनके और उनके साथियों के साथ मारपीट तथा वाहन क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला थाना फ्रेंड्स कॉलोनी में दर्ज कराया गया था।
नंदिनी पांडे ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सामाजिक एवं किसान संगठनों से जुड़े लोग कथित रूप से ऐसे व्यक्तियों का समर्थन कर रहे हैं, जिससे विवाद और बढ़ रहा है। जिसमें मुख्य रूप से शालू अली खान और पत्नी सिमरन अली खान भी आर्थिक फायदे के लिए इन फर्जी किन्नरों का साथ देते हैं।
उन्होंने सैफई क्षेत्र में हुई एक अन्य घटना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वहां नेक मांगने को लेकर हुए विवाद में मारपीट, लूटपाट और फायरिंग के आरोपों के संबंध में थाना सैफई में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
नंदिनी पांडे ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और किन्नर समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों पर अंकुश लगेगा।
वही नंदिनी पांडे ने कई वीडियो और साक्षी भी प्रस्तुत किए हैं जिससे वेल रानी के आरोपों का खंडन होता है।
नंदनी पाण्डेय ने विपक्षी बेला रानी उर्फ समीर अहमद के प्रपत्रों की कानूनी जांच की मांग की है तथा उनका सही पता संज्ञान में लाया जाए जिससे कोई बड़ी घटना हो तो पूर्ण जानकारी प्रशासन को पहले से हो सके।
असली-नकली किन्नरों के विवाद में फिर गरमाई बयानबाजी, कार्रवाई की मांग
