इटावा। ब्रह्म माध्व गौड़ीय सम्प्रदाय के श्री श्री गौर निताई परिवार द्वारा पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर पक्का तालाब स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित प्रथम फूल बंगला दर्शन में मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे एवं सुगंधित प्राकृतिक पुष्पों से सजाकर दिव्य पुष्प महल का स्वरूप दिया गया।

मोगरा, गुलाब, गेंदा और रजनीगंधा के फूलों से सुसज्जित भव्य फूल बंगले के मध्य भगवान जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी के विग्रहों का आकर्षक श्रृंगार किया गया। पुष्पों की मनमोहक सजावट और दीपदान के अलौकिक दृश्य ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पूरा मंदिर परिसर फूलों की सुगंध और भक्तिमय वातावरण से महक उठा।

कार्यक्रम में प्रख्यात सनातन धर्म प्रचारक पंडित मनुपुत्र दास के सानिध्य में सत्संग एवं गीता प्रवचन का आयोजन हुआ। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय ‘पुरुषोत्तम योग’ के पांचवें श्लोक की व्याख्या करते हुए पुरुषोत्तम मास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह मास भगवान श्रीकृष्ण और भगवान जगन्नाथ को अत्यंत प्रिय है तथा इस दौरान किए गए जप, तप, दान और दर्शन का फल अनेक गुना बढ़ जाता है।

सत्संग के उपरांत सामूहिक हरिनाम संकीर्तन का आयोजन हुआ। ढोलक और मंजीरों की मधुर धुन पर श्रद्धालु भक्ति में सराबोर होकर झूमते नजर आए। ‘हरे कृष्ण, हरे राम’ और ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम के समापन पर विशाल महाप्रसाद (भंडारे) का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। स्थानीय नागरिकों ने इस दिव्य और भव्य आयोजन की सराहना करते हुए इसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत प्रेरणादायक बताया।
