इटावा। अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर सामाजिक वानिकी प्रभाग, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति इटावा के संयुक्त तत्वावधान में पानकुंवर इंटरनेशनल स्कूल, मानिकपुर मोड़ ग्वालियर बायपास रोड इटावा में वृक्षारोपण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त कमांडेंट सुरेश चंद्र यादव ने कहा कि आज मानव ने प्रकृति में उपलब्ध संसाधनों का अत्यधिक दोहन कर लिया है, जो पहले प्रचुर मात्रा में मौजूद थे। इसलिए प्राकृतिक संसाधनों एवं जैव विविधता के संरक्षण की गंभीर आवश्यकता है।
विद्यालय के निर्देशक डॉ. कैलाश चंद्र यादव ने कहा कि जैव विविधता पारितंत्र को स्थिरता प्रदान कर पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखती है। पौधे एवं जीव खाद्य श्रृंखला और खाद्य जाल के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। किसी एक प्रजाति की विलुप्ति अन्य जीवों के जीवन को भी प्रभावित करती है, जिससे पारितंत्र कमजोर हो जाता है।
प्रधानाचार्य अरविंद तोमर ने कहा कि वन हमें स्वच्छ एवं शुद्ध वातावरण प्रदान करते हैं। वृक्ष ऑक्सीजन का प्रमुख स्रोत हैं तथा कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं।
पर्यावरणविद् संजय सक्सेना ने कहा कि जैव विविधता पृथ्वी पर मौजूद सभी प्रकार के जीवों—पौधों, जानवरों, कवक एवं सूक्ष्मजीवों—का सामूहिक स्वरूप है, जो हमारे ग्रह को विशिष्ट बनाता है।
डीपीओ नमामि गंगे संजीव चौहान ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा 22 मई को जैव विविधता के मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस घोषित किया गया है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जेआरएफ डॉ. संगीता, रजत सिंह भदौरिया, संगीता, मलिक, ऋषभ, फरमान एवं अनुज तिवारी का उल्लेखनीय योगदान रहा।
अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर वृक्षारोपण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
