इटावा। ईद ए ग़दीर के खुशनुमा मौके पर सैदबाड़ा स्थित शरीफ़ मंज़िल में राहत अक़ील शक्कन की ओर से मौलाना अनवारुल हसन ज़ैदी इमामे जुमा इटावा की अध्यक्षता और शब्बर अक़ील की देखरेख में महफ़िल और दुआ ए नुदबा का आयोजन किया गया।
मौलाना अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा ने महफ़िल का संचालन करते हुए कहा कि अगर इंसान ग़दीर को समझ लेता तो कर्बला नहीं होती। ग़दीर में हाजियों सहाबियों के सामने अली को हाथों पर बुकन्द कर रसूल अल्लाह ने खुतबा दिया कि अल्लाह मेरा मौला है और जिस जिस का मैं मौला उस उस के अली मौला। ग़दीर में अली मौला बने। रसूल ने फरमाया जो लोग नहीं है उनको भी ग़दीर के ऐलान पहुंचाएं। ग़दीर ऐसा दिन है इंसान अल्लाह के हुक्म का पालन करे और अली को अपना वली माने। उन्होंने ग़दीर पर बेहतरीन कलाम पेश कर जमकर वाहवाही लूटी। महफ़िल में कलाम पेश करते हुए तसलीम रज़ा ऊधम ने कहा ईद ए ग़दीर है बड़ी बरकत का रोज़ है, फरमान है नबी का ये रहमत का रोज़ है। सलीम रज़ा ने कहा नबी के बाद ये देखो किसे क्या क्या पसन्द आया, उन्हें झूठे पसन्द आये हमे सच्चा पसन्द आया। तनवीर हसन ने कहा मिला है इश्के हैदर हम गुलामों को मुकद्दर से, ये गौहर हाथ आता है विलायत के समंदर से। अख्तर अब्बास रिज़वी मोंटू ने कहा खुदा की ईद का दिन आ गया है, अली मौला बनाये जा रहे हैं। सफीर हैदर ने कहा फलक भी सर उठाकर देखता है, अली कितना उठाये जा रहे हैं। आसिफ रिज़वी अश्शू ने कहा पूरा हुआ खुदा का इरादा ग़दीर में, पूरा हुआ कारे रिसालत ग़दीर में। अली अब्बास सलमान ने कहा बनाया जाता हैं मस्जिद में इसलिए मिम्बर, नमाजियों को भी ईद ए ग़दीर याद रहे। आबिद रज़ा ने कहा रुखसार मुमकिनात का गाजा गदीर है, इंसानियत के जिस्म में ताज़ा गदीर है, कलमा पढ़ा जिन्होंने ख़िलाफ़त के शौक में, उस सबकी बेबसी का जनाज़ा गदीर है। इसके अलावा सचिन वारसी, मोहम्मद सादिक, वली अहमद आदि ने भी कलाम पेश किये। महफ़िल में अल्हाज कमर अब्बास नक़वी करबलाई, हाजी अरशद मरगूब, शावेज़ नक़वी, हसन अब्बास, राहत हुसैन रिज़वी, जहूर नक़वी, इबाद रिज़वी, शारिक सगीर शानू, अली साबिर, इमरान वारसी, तहसीन रज़ा, आदिल अख्तर गुडडू, ताबिश रिज़वी, सुहेल अली, शाद अली हसन, मो. जुनैद, नईम वारसी, खुशनसीब, मो. जावेद, मो. अतीक, सोनू नक़वी, अयाज हुसैन, आतिफ एड., शारिब नक़वी, शौजब रिज़वी, शादाब नक़वी, सैफू, राहिल सहित बड़ी संख्या में लोगों ने उपस्थित होकर जश्ने ईद ए ग़दीर मनाया।
ईद ए ग़दीर पर महफ़िल और दुआ ए नुदबा का हुआ आयोजन
