इटावा। सरकारी तंत्र की लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 89 वर्षीय बुजुर्ग देवलाल को ग्राम पंचायत स्तर पर कथित गलत सत्यापन के चलते कागजों में मृत घोषित कर दिया गया, जिसके बाद उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई। आर्थिक तंगी से जूझ रहे बुजुर्ग ने अब जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है।
सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सेंदपुर नगला पीर निवासी देवलाल पुत्र स्वर्गीय ज्वाला प्रसाद ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत सचिव एवं पंचायत सहायक द्वारा गलत सत्यापन कर उन्हें मृत दर्शा दिया गया। इसके चलते उनकी वृद्धावस्था पेंशन रोक दी गई, जबकि वह जीवित हैं और पेंशन ही उनके जीवन-यापन का मुख्य सहारा है।
बुजुर्ग का कहना है कि पिछले करीब पांच महीनों से उन्हें पेंशन नहीं मिली है। उन्होंने समाज कल्याण विभाग में भी शिकायत की, जहां से जल्द पेंशन बहाल कराने का आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
देवलाल ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनकी वास्तविक स्थिति की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा उनकी वृद्धावस्था पेंशन तत्काल पुनः चालू कराई जाए। बुजुर्ग की फरियाद ने सरकारी रिकॉर्ड और सत्यापन प्रक्रिया की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
89 वर्षीय बुजुर्ग को कागजों में मृत दिखाकर बंद की पेंशन, डीएम से लगाई गुहार
