भागवत कथा में कंस वध और रुक्मिणी विवाह प्रसंग का हुआ भावपूर्ण वर्णन

इटावा। शहर के शिव शक्ति दुर्गा मंदिर, शिवा कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के छठवें दिवस पर कथा व्यास पूज्य आचार्य महेश चंद्र पांडेय महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की कंस वध एवं रुक्मिणी विवाह की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा का श्रवण कर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए।


कथा के दौरान आचार्य श्री ने श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय के दसवें श्लोक का भावार्थ समझाते हुए कहा कि योगी को एकांत में रहकर मन और इंद्रियों को वश में रखते हुए सभी प्रकार की कामनाओं एवं संग्रह का त्याग कर परमात्मा का चिंतन करना चाहिए। यही भगवान श्रीकृष्ण द्वारा बताए गए योग का वास्तविक स्वरूप है। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों की गलत व्याख्या कर लोगों को भ्रमित नहीं करना चाहिए तथा सभी धर्मों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति की पहचान है।

इस अवसर पर आदिति हॉस्पिटल की अध्यक्ष डॉ. दीपा गौर ने आचार्य महेश चंद्र पांडेय महाराज को पोशाक भेंट कर सम्मानित किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
कथा का आयोजन एडवोकेट अनिल कुमार गौर एवं उनकी पत्नी मंजू गौर (पूर्व अध्यक्ष, जिला बार एसोसिएशन इटावा, प्रदेश उपाध्यक्ष ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन एवं अध्यक्ष जनता इंटर कॉलेज, मीठेपुर) के परीक्षितत्व में किया जा रहा है। यज्ञकर्ता एडवोकेट मनोज कुमार सिंह गौर एवं उनकी पत्नी ममता गौर तथा प्रबंधक जनता इंटर कॉलेज, मीठेपुर हैं।
सहायक कथा वाचक आचार्य सौरभ पांडे द्वारा बताया कि रविवार को सुदामा चरित का मार्मिक वर्णन किया जाएगा, जिसके साथ श्री मद भागवत कथा का विराम होगा। सोमवार को हवन-पूजन के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

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