इटावा 31 मई, 2026- जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डिजिटल लाइब्रेरी, स्वच्छ भारत मिशन, जीरो पॉवर्टी अभियान, पीएम सूर्य घर योजना, गौशाला, प्राकृतिक खेती सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान डिजिटल लाइब्रेरी योजना के अंतर्गत बताया गया कि जनपद की सभी 117 ग्राम पंचायतों में उपकरणों की आपूर्ति एवं स्थापना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा सभी डिजिटल लाइब्रेरियां क्रियाशील हैं। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि शासनादेश के अनुसार अभिलेखों का संधारण, इश्यू रजिस्टर तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने सचिव एवं एडीओ पंचायत को शासन के दिशा-निर्देशों के आधार पर प्रमुख बिंदु निर्धारित कर नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी सुविधा है, जिसका अधिकतम लाभ उन्हें मिलना चाहिए।
स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने सभी आरआरसी की सक्रियता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था प्रभावी रहनी चाहिए। विकासखंड जसवंतनगर की एक वाउथ पंचायत में सड़क निर्माण में प्लास्टिक अपशिष्ट के उपयोग की जानकारी पर उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नवाचारों को बढ़ावा दिया जाए तथा ग्रामीणों को प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए।
सिरसा नदी के समीप निर्मित फिल्टर सिस्टम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि इनलेट एवं आउटलेट की नियमित निगरानी की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि नदी में स्वच्छ जल ही प्रवाहित हो। उन्होंने कहा कि यह एक सराहनीय प्रयास है और नदियों को प्रदूषणमुक्त रखने के लिए ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
एफएसएम एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण के संबंध में जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि स्थानों का चयन आवश्यकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों को प्राथमिकता दी जाए जहां लोगों की अधिक आवाजाही हो तथा शौचालय की वास्तविक आवश्यकता हो।
जीरो पॉवर्टी अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि दिव्यांग पेंशन के 4 तथा वृद्धावस्था पेंशन के 53 प्रकरण प्रक्रियाधीन हैं। जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि ग्राम स्तर पर सबसे अधिक जरूरतमंद एवं वंचित परिवारों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से लाभान्वित किया जाना है। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों का चयन एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया है, इसलिए सभी विभाग ऐसे परिवारों को शासन की विभिन्न योजनाओं से संतृप्त करने पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने इस अभियान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी संबंधित विभागों को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने सभी खंड विकास अधिकारियों को योजना के अधिकाधिक प्रचार-प्रसार एवं आवेदन बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है।
बैठक में बताया गया कि बी0बी0जी0राम0जी 1 जुलाई से लागू होने वाली नई रोजगारपरक व्यवस्था के अंतर्गत अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अंतर्गत जल संरक्षण एवं संवर्धन, ग्रामीण अवसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन एवं प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों से निपटने संबंधी चार प्रमुख श्रेणियों के कार्य सम्मिलित किए गए हैं। जिलाधिकारी महोदय ने सभी खंड विकास अधिकारियों को तालाबों के भराव, सफाई एवं संरक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार करने तथा प्रत्येक विकासखंड से सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी एवं सूखे की स्थिति में पशुओं को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए यह कार्य अत्यंत आवश्यक है।
गौशाला की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि भूसे की बढ़ती लागत को देखते हुए चारागाह में नेपियर घास के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने उमरसेड़ा ग्राम में चारागाह भूमि पर नेपियर घास रोपण के निर्देश दिये है। चारागाह भूमि का सदुपयोग कर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि शासन के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल समर्पण एवं कार्य के प्रति गंभीरता की है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी गौशाला में छाया, स्वच्छ पेयजल, दाना एवं हरे चारे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्राकृतिक खेती के संबंध में बताया गया कि ग्राम पंचायत कंधनी, बैदपुरा, चौबिया, अहेरीपुर एवं कुआरा की गौशालाओं में प्राकृतिक खेती की पहल प्रारंभ की गई है। जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों से अवगत कराया जाए तथा उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक चरण में चुनौतियां आएंगी, लेकिन किसानों को लगातार प्रेरित एवं प्रशिक्षित कर इस दिशा में आगे बढ़ाया जाए। प्रत्येक ग्राम पंचायत में इच्छुक किसानों की सूची तैयार कर उनके खेतों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि जनपद में इस दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किया जाए। साथ ही केंद्रीय कारागार परिसर में भी प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उक्त बैठक में जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद, डी0एस0टी0ओ रमेश चंद्र, डी0पी0आर0ओ रोहित कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल, परियोजना अधिकारी यूपीनेडा प्रिया शर्मा सहित संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विकास कार्यों की महासमीक्षा; 117 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी क्रियाशील
