भरथना ।‘‘बेटी न होगी तो व्यवहार न होगा, बेटी न होगी तो त्यौहार न होगा’’ जैसी मार्मिक पंक्तियां सुनकर साहित्यप्रेमियों की आंखें नम हो गईं। भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध संदेश देने वाली इन पंक्तियों ने उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया। वहीं वीर रस, श्रृंगार रस और हास्य-व्यंग्य से भरपूर कविताओं ने देर रात तक श्रोताओं को साहित्यिक रसास्वादन कराया।
शनिवार सायं कस्बा के बकेवर रोड स्थित ऊँ श्री पागलबाबा गंगासागर धाम मोढ़ी में स्थापित नौ मंजिला श्री पागल बाबा मंदिर के शिखर पूजन एवं पंचतत्व हरिहर महायज्ञ के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सभी कवियों ने कार्यक्रम संयोजक एवं मुख्य न्यासी श्याम सुंदर चौरसिया की उपस्थिति में भगवान श्री राधाकृष्ण की प्रतिमा पर माल्यार्पण, तिलक वंदन एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
कवि सम्मेलन में कवयित्री सुमित्रा सरल ने मां सरस्वती का वंदन करने के बाद अपनी श्रृंगार रस की रचना “मैं तुमसे मिल के जाती हूं तो ये आंसू नहीं रुकते” प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी। कवि राजू चौरसिया ने “बेटी न होगी तो व्यवहार न होगा, बेटी न होगी तो त्यौहार न होगा” सुनाकर कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जनजागरण का संदेश दिया और नारी शक्ति का सम्मान करने का आह्वान किया।
कवि अशोक नागर ने “वो सनातनी में तनातनी का खेल नहीं चलने देगा” तथा “दो गज जमीन न छोड़ी गौमाता के लिए” जैसी रचनाओं के माध्यम से गौसंरक्षण एवं सामाजिक सरोकारों पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं हास्य कवि मुकेश शांडिल्य ने “सम्बंधों को यार निभाना पड़ता है, बीबी के भी पांव दबाना पड़ता है” सुनाकर श्रोताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
कवि अभिषेक अरजरिया ने “हिन्दुस्तान मत बेचो” तथा वीरेंद्र विद्रोही ने “कैसे पलेंगे बच्चे अगर खेतियां न हों” सुनाकर राष्ट्रभक्ति एवं किसानों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इसके अलावा नीलम राठौर, हरनाथ सिंह चौहान सहित अन्य कवियों ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर पूर्व चेयरमैन मनोज पोरवाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज यादव बंटी, अरविंद चौरसिया, गुड्डू चौरसिया, आशू चौरसिया, आशू शुक्ला, राजू माहेश्वरी, सचिन कौशल, आर.एन. दुबे सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में गूंजी बेटी बचाओ और राष्ट्रभक्ति की स्वर लहरियां
